कुम्भलगढ़ दुर्ग
यह एक गिरी दुर्ग है ! जो
जरगा पहाड़ी पर स्थित है ! राजसमन्द जिले में स्थित इस दुर्ग का निर्माण सन, 1448-1458 में महाराणा कुम्भा ने अपने शिल्पी मंडन की
देखेरेख में करवाया , यह दुर्ग मोर्य शासक
सम्पर्ती के दुर्ग माचेंन्द्रगड दुर्ग की नीव पर बनाया गया ! रानी कुम्भल्देवी के
नाम पर यह दुर्ग कुम्भलगढ़ कहलाया !
कुम्भलगढ़ दुर्ग के दीवार की
लम्बाई 36 किलोमीटर है इसे भारत की महान दीवार कहते है, कुम्भलगढ़ दुर्ग में एक क़टारगड दुर्ग है जो मेवाड़ के महाराणाओ का निवास स्थल था, इस दुर्ग में नीलकंठ महादेव का मंदिर हे जो यूनानी
शेली का हे , अबुल फजल ने कटारगड दुर्ग
के बारे में कहा की ''यह दुर्ग इतनी बुलंदी पर स्थित हे की निचे से
ऊपर की और देखने पर व्यक्ति की सर की पगड़ी पीछे की और गिर जाती है''
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